दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) इंदौर। इंदौर के दशहरा मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता और कवि सत्यनारायण सत्तन को मंच पर बैठने से रोके जाने के बाद भाजपा खेमे में हलचल तेज हो गई है। सोमवार को भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा सत्तन के घर पहुंचे और उनसे मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की।
नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि सत्तन गुरु पार्टी के वरिष्ठ नेता और मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी गलतफहमी के कारण कोई त्रुटि हुई है, तो वे उनसे 25 बार माफी मांगने को तैयार हैं। मिश्रा ने कहा कि समय-समय पर उन्हें सत्तन से मार्गदर्शन लेने का अवसर मिलता है और पार्टी के कई कार्यक्रमों में उन्हें वक्ता के रूप में आमंत्रित किया जाता है।
रविवार को दशहरा मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मंत्री तुलसी सिलावट सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे। सत्तन भी आमंत्रण पर कार्यक्रम में पहुंचे थे, लेकिन मंच पर जाने के दौरान एक कार्यकर्ता ने उन्हें यह कहकर रोक दिया कि सूची और कुर्सी पर उनका नाम नहीं है। इसके बाद वे कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही लौट गए।
सत्यनारायण सत्तन ने कहा कि वे कार्यक्रम में राकेश शर्मा, तोमर साहब और वाजपेयी जी के साथ पहुंचे थे। वहां एक कार्यकर्ता हाथ में सूची लेकर खड़ा था, जिसने कहा कि आमंत्रित लोगों की सूची में उनका नाम नहीं है। इसके बाद वे वापस लौट आए।
सत्तन ने कहा कि उन्हें महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया था। उन्होंने बताया कि महापौर ने उन्हें सड़क पर रोककर भी कार्यक्रम में आने का आग्रह किया था और फोन पर भी निमंत्रण दिया था। सत्तन ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से महापौर की गलती नहीं है, लेकिन व्यवस्थाएं ठीक नहीं थीं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम नगर निगम का था, इसलिए जिम्मेदारी भी महापौर की बनती है।
इधर, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बयान जारी कर कहा कि सत्तन को आदरपूर्वक आमंत्रित किया गया था और मंच पर उनके लिए कुर्सी भी रखी गई थी। हालांकि, कुर्सी पर नाम की पर्ची नहीं लग पाने और कम्युनिकेशन में हुई त्रुटि के कारण उन्हें असुविधा हुई। महापौर ने कहा कि इस त्रुटि के लिए उन्हें गहरा खेद है और वे हृदय से क्षमा प्रार्थी हैं।
