Jabalpur News: एमपी में 15 साल पुरानी 899 बसें हटेंगी, हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले पर लगाई मुहर

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। मध्यप्रदेश की सड़कों पर दौड़ रही 15 साल से अधिक पुरानी 899 कमर्शियल बसों को जल्द हटाया जाएगा। राज्य सरकार के इस फैसले को हाईकोर्ट ने भी वैध ठहराते हुए बस ऑपरेटरों की सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं।

हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने कहा कि राज्य सरकार को परिवहन नीति बनाने और स्टेज कैरिज परमिट से जुड़े निर्णय लेने का पूरा अधिकार है। पहले से लागू नियमों और संशोधनों के आधार पर जारी आदेश को अवैध नहीं माना जा सकता।

प्रदेश में 899 बसें ऐसी हैं, जो 15 साल की उम्र पार कर चुकी हैं। ये बसें अब भी शहरों के बीच यात्रियों को ढो रही हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सबसे ज्यादा ऐसी बसें जबलपुर में और सबसे कम रीवा संभाग में पाई गई हैं।

राज्य सरकार ने 14 नवंबर 2025 को आदेश जारी कर 15 साल से पुरानी बसों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके खिलाफ बस ऑपरेटरों ने हाईकोर्ट में 10 याचिकाएं दायर की थीं, जिन्हें अब खारिज कर दिया गया है।

बस ऑपरेटरों का कहना था कि उनके पास वैध परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट और टैक्स जमा है, इसलिए यह नियम पुराने वाहनों पर लागू नहीं होना चाहिए। लेकिन कोर्ट ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया।

नियम क्या कहते हैं?

मध्य प्रदेश मोटरयान नियम, 1994 के अनुसार:

10 साल से पुरानी बस को अंतरराज्यीय परमिट नहीं

15 साल से पुरानी बस को राज्य में परमिट नहीं

20 साल से पुरानी गाड़ी को किसी भी प्रकार का परमिट नहीं

लापरवाही भी आई सामने

मामले में यह भी सामने आया कि परिवहन अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी कर पुराने वाहनों को परमिट जारी किए, जिसके कारण आज ये खटारा बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं।

अब क्या होगा?

हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब इन सभी पुरानी बसों पर कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। जल्द ही इन्हें सड़कों से हटाया जाएगा, जिससे यात्रियों की सुरक्षा में सुधार होने की उम्मीद है।

Post a Comment

Previous Post Next Post