Jabalpur News: स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, इन 5 अस्पतालों और 121 क्लीनिकों का पंजीयन निरस्त, इलाज पर रोक

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। शहर में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 निजी अस्पतालों और 121 क्लीनिकों का पंजीयन निरस्त कर दिया है। 1 अप्रैल 2026 से इन सभी संस्थानों का संचालन अवैध घोषित कर दिया गया है और यहां मरीजों के इलाज व भर्ती पर भी रोक लगा दी गई है। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, निजी अस्पतालों और क्लीनिकों के लिए 1 जनवरी से 28 फरवरी तक पंजीकरण नवीनीकरण अनिवार्य किया गया था, लेकिन निर्धारित समय के बावजूद कई संस्थानों ने आवेदन नहीं किया। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए पंजीयन रद्द कर दिए।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत कोठारी द्वारा जारी आदेश में बताया गया कि जांच के दौरान कई अस्पतालों में पर्याप्त स्टाफ नहीं मिला, जबकि कुछ संस्थानों के दस्तावेज नगर निगम से सत्यापित नहीं पाए गए। नियमों के उल्लंघन के चलते यह कार्रवाई की गई है।

जिन पांच अस्पतालों पर कार्रवाई हुई है, उनमें एस.सी. गुप्ता मेमोरियल हॉस्पिटल, संकल्प हॉस्पिटल और नामदेव नर्सिंग होम शामिल हैं, जबकि बटालिया आई हॉस्पिटल और सरकार हॉस्पिटल ने स्वयं संस्थान बंद करने का आवेदन दिया है।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संबंधित संस्थान तत्काल प्रभाव से नए मरीजों को भर्ती न करें। वर्तमान में भर्ती मरीजों का इलाज पूरा कर उन्हें जल्द डिस्चार्ज किया जाए और संस्थान के बाहर लगे नाम बोर्ड भी हटा दिए जाएं।

सीएमएचओ डॉ. नवनीत कोठारी ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी अस्पताल बिना वैध पंजीकरण के संचालित पाया गया, तो उसके खिलाफ मध्यप्रदेश नर्सिंग होम एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिन संचालकों से समय सीमा चूक गई है, वे एमपी ऑनलाइन के माध्यम से दोबारा आवेदन कर सकते हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि क्लीनिकों की स्थिति अधिक गंभीर है। कई एलोपैथी, आयुर्वेदिक, होम्योपैथी क्लीनिकों के साथ पैथोलॉजी लैब और डायग्नोस्टिक सेंटर भी नियमों का पालन नहीं कर पाए, जिसके चलते उन्हें भी बंद किया गया है।

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