दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। खजरी खिरिया क्षेत्र में बिजली लाइन सुधार के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में 51 वर्षीय ठेका कर्मचारी रंजीत कोरी की मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार को उस समय हुई, जब वे खंभे पर चढ़कर लाइन सुधार रहे थे। इसी दौरान अचानक लाइन चालू हो गई, जिससे उन्हें तेज करंट लगा और वे करीब 30 फीट ऊंचाई से नीचे गिर पड़े।
घटना के तुरंत बाद साथियों ने 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौत के बाद सड़क पर उतरे परिजन
शनिवार सुबह आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने अमखेरा-खजरी खिरिया रोड पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई, उचित मुआवजा और मृतक के बेटे को नौकरी नहीं दी जाएगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सूचना मिलते ही गोहलपुर थाना पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन मानने को तैयार नहीं थे।
परिजनों का आरोप- विभाग की लापरवाही से गई जान
परिजनों ने मध्य प्रदेश विद्युत विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब लाइन बंद थी, तो बिना सूचना के अचानक उसे चालू कैसे कर दिया गया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है।
रंजीत के भाई सुनील कोरी ने आरोप लगाया कि विभाग पहले 5 लाख रुपए देकर मामले को दबाने की कोशिश कर रहा था और शिकायत न करने की बात कही जा रही थी।
सुरक्षा उपकरण के बिना खंभे पर चढ़े थे रंजीत
जानकारी के अनुसार, रंजीत कोरी अपने साथियों के साथ फॉल्ट सुधारने पहुंचे थे। उन्होंने अन्य कर्मचारियों से खंभे पर चढ़ने को कहा, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। इसके बाद वे खुद बिना ग्लव्स और सुरक्षा उपकरणों के खंभे पर चढ़ गए और इसी दौरान हादसा हो गया।
बिजली विभाग का पक्ष- हादसे की जांच जारी
बिजली विभाग के सीई संजय अरोरा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वे अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि मृतक के बेटे को नौकरी दी जाएगी। साथ ही कंपनी की ओर से 5 लाख और बीमा से 4 लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा।
अरोरा के अनुसार, प्राथमिक जांच में सामने आया है कि रस्सी के झूले का हुक ठीक से नहीं फंसा था, जिससे संतुलन बिगड़ने पर रंजीत सिर के बल नीचे गिर गए और गंभीर हेड इंजरी के कारण उनकी मौत हो गई। पुलिस भी पूरे मामले की जांच कर रही है।लगातार हो रही घटनाओं से बढ़ा गुस्सा
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। पहले भी बिजली विभाग की लापरवाही से कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद सुधार नहीं हो रहा।



