दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। शहर को देश के सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में शीर्ष स्थान दिलाने के लिए नगर निगम ने पूरी ताकत झोंक दी है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत अब शहर में “मिशन मोड” पर काम शुरू कर दिया गया है। नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप 15 दिनों के भीतर सभी कार्य जमीनी स्तर पर पूर्ण किए जाएं, अन्यथा लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निगमायुक्त ने स्वच्छता अभियान की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य अमले और नगर निगम के इंजीनियरों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि “सिटी प्रोफाइल” को पूर्ण करना प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने डेटा एंट्री, दस्तावेजीकरण और फील्ड कार्यों को समान रूप से महत्व देते हुए तय समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
मैदानी स्तर पर कार्यों को लेकर सख्त निर्देश
बैठक में निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी अधिकारी सुबह से ही फील्ड में उपस्थित रहकर कार्यों की निगरानी करें। उन्होंने सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की स्थिति सुधारने, सड़कों के डिवाइडरों को व्यवस्थित करने, पेवर ब्लॉक लगाने, उद्यानों का विकास करने और नालों को जाली से ढकने जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही सिटी ब्यूटीफिकेशन के तहत शहर को साफ-सुथरा और आकर्षक बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
शहर के सौंदर्यीकरण और स्वच्छता के लिए विशेष योजना
नगर निगम द्वारा शहर के समग्र विकास के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत रोड डिवाइडर का सौंदर्यीकरण, पार्कों का कायाकल्प, हरियाली बढ़ाना और बैकलेन (गलियों) को भी स्वच्छता अभियान से जोड़ना शामिल है। इन कार्यों से न केवल शहर की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
‘थ्री-आर’ मॉडल पर जोर: कचरे से संसाधन की ओर कदम
नगर निगम अब “रीड्यूस, रीयूज, रीसायकल” यानी ‘थ्री-आर’ मॉडल को अपनाकर कचरा प्रबंधन को नई दिशा दे रहा है। इसके तहत बुक बैंक, थैला बैंक और बर्तन बैंक जैसी योजनाओं को व्यवस्थित कर लोगों को संसाधनों के साझा उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। निगमायुक्त ने इन योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश भी दिए।
सीएम हेल्पलाइन पर त्वरित समाधान के निर्देश
निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने सीएम हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों के त्वरित और संतोषजनक निराकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का ‘एल-1’ स्तर पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाए और 5 दिनों के भीतर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि तय समय सीमा के बाद लंबित कार्यों के लिए संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और नगर निगम के इंजीनियर उपस्थित रहे।
नगर निगम की इस सख्त कार्ययोजना और मिशन मोड पर चल रहे अभियान से यह स्पष्ट है कि जबलपुर को स्वच्छता के क्षेत्र में शीर्ष स्थान दिलाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से प्रयासरत है।
निगमायुक्त ने स्वच्छता अभियान की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य अमले और नगर निगम के इंजीनियरों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि “सिटी प्रोफाइल” को पूर्ण करना प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने डेटा एंट्री, दस्तावेजीकरण और फील्ड कार्यों को समान रूप से महत्व देते हुए तय समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
मैदानी स्तर पर कार्यों को लेकर सख्त निर्देश
बैठक में निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी अधिकारी सुबह से ही फील्ड में उपस्थित रहकर कार्यों की निगरानी करें। उन्होंने सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की स्थिति सुधारने, सड़कों के डिवाइडरों को व्यवस्थित करने, पेवर ब्लॉक लगाने, उद्यानों का विकास करने और नालों को जाली से ढकने जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही सिटी ब्यूटीफिकेशन के तहत शहर को साफ-सुथरा और आकर्षक बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
शहर के सौंदर्यीकरण और स्वच्छता के लिए विशेष योजना
नगर निगम द्वारा शहर के समग्र विकास के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत रोड डिवाइडर का सौंदर्यीकरण, पार्कों का कायाकल्प, हरियाली बढ़ाना और बैकलेन (गलियों) को भी स्वच्छता अभियान से जोड़ना शामिल है। इन कार्यों से न केवल शहर की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
‘थ्री-आर’ मॉडल पर जोर: कचरे से संसाधन की ओर कदम
नगर निगम अब “रीड्यूस, रीयूज, रीसायकल” यानी ‘थ्री-आर’ मॉडल को अपनाकर कचरा प्रबंधन को नई दिशा दे रहा है। इसके तहत बुक बैंक, थैला बैंक और बर्तन बैंक जैसी योजनाओं को व्यवस्थित कर लोगों को संसाधनों के साझा उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। निगमायुक्त ने इन योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश भी दिए।
सीएम हेल्पलाइन पर त्वरित समाधान के निर्देश
निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने सीएम हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों के त्वरित और संतोषजनक निराकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का ‘एल-1’ स्तर पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाए और 5 दिनों के भीतर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि तय समय सीमा के बाद लंबित कार्यों के लिए संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और नगर निगम के इंजीनियर उपस्थित रहे।
नगर निगम की इस सख्त कार्ययोजना और मिशन मोड पर चल रहे अभियान से यह स्पष्ट है कि जबलपुर को स्वच्छता के क्षेत्र में शीर्ष स्थान दिलाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से प्रयासरत है।
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