दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। शहर के ओमती थाना क्षेत्र में एक व्यापारिक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां एलईडी टीवी सप्लाई करने के नाम पर एक स्थानीय इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसायी से ₹2,16,000 की ठगी कर ली गई। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र के सराफा वार्ड (लखेरा की गली) निवासी रीतेश जैन (उम्र 37 वर्ष) की तुलाराम चौक स्थित बमचक डोसा दुकान के सामने 'सिंघई इलेक्ट्रॉनिक्स' नाम से दुकान है। रीतेश ने पुलिस को बताया कि मार्केट के ही एक परिचित सौरभ मुक्ता ने उन्हें 'एवर होम एप्लायंसेस' कंपनी के प्रोडक्ट्स की अच्छी क्वालिटी का हवाला देते हुए व्यापार करने की सलाह दी थी।
विश्वास जीतने के लिए पहले भेजी थी डिलीवरी
सौरभ मुक्ता के कहने पर रीतेश ने शुरुआत में 17 अप्रैल 2026 को कंपनी के डीसीबी बैंक (शाखा सोनीपत, हरियाणा) के खाते में आरटीजीएस (RTGS) के जरिए ₹47,000 ट्रांसफर किए थे। इसके बदले कंपनी ने ओम लॉजिस्टिक ट्रांसपोर्ट के माध्यम से 5 एलईडी टीवी जबलपुर भेज दी थीं। पहली डिलीवरी सुरक्षित मिलने पर रीतेश का भरोसा बढ़ गया।
बड़ा ऑर्डर मिलते ही बंद किया फोन
इसके बाद, रीतेश जैन ने 6 मई 2026 को दोबारा बड़ी खेप मंगवाने के लिए उसी खाते में ₹2,16,000 आरटीजीएस के माध्यम से जमा करा दिए। भुगतान के बाद कंपनी की ओर से सौरभ मुक्ता के माध्यम से व्हाट्सएप पर इनवॉइस (बिल) भी भेजा गया। लेकिन बिल मिलने के बाद भी टीवी की डिलीवरी नहीं हुई।
पीड़ित कारोबारी लगातार कंपनी के अधिकृत व्यक्ति और खाताधारक ऋषभ जौहर से फोन पर संपर्क में थे। जब उन्होंने माल न मिलने पर फोन किया, तो पहले ऋषभ ने फोन उठाना बंद कर दिया और अब उसका मोबाइल नंबर पूरी तरह बंद आ रहा है।
बीएनएस के तहत मामला दर्ज
रीतेश जैन को जब अहसास हुआ कि उनके साथ छलपूर्वक ₹2.16 लाख की धोखाधड़ी की गई है, तो उन्होंने ओमती थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। ओमती पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट पर आरोपी ऋषभ जौहर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (छल करना और बेईमानी से संपत्ति के हस्तांतरण के लिए प्रेरित करना) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस मामले की विस्तृत विवेचना कर रही है।
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