पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, एकता चौक गंगासागर निवासी आशीष शुक्ला (30 वर्ष), जो पेशे से फर्नीचर का काम करता है, ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। आशीष ने बताया कि 28 मई की रात वह अपने दोस्त शिवा यादव और जित्तू यादव के साथ एकता चौक पर बैठा था। इसी दौरान वहां से क्षेत्रीय युवक आशीष दाहिया अपने साथियों के साथ गुजरा।
तब शिवा यादव ने आशीष दाहिया को टोकते हुए कहा कि "तुम लोग खेरमाई मंदिर के पास बैठकर शराबखोरी करते हो, अब दोबारा वहां ऐसा मत करना।" इतनी बात होने के बाद आशीष शुक्ला, शिवा और जित्तू तीनों वहां से उठकर आशीष शुक्ला के घर आ गए और घर के गेट के सामने खड़े होकर बात करने लगे।
शराबखोरी से रोकने की बात से नाराज आशीष दाहिया देर रात करीब 1:50 बजे अपने साथियों के साथ बदला लेने पहुंच गया। आरोपी रब्बी उर्फ रवि केवट और मुकेश भलावी हाथों में नंगी तलवारें लहराते हुए आशीष दाहिया के साथ वहां पहुंचे। आते ही आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और चिल्लाए— "तुम लोग बहुत बड़े गुंडे बनते हो!"
इसके बाद सभी आरोपी जबरन आशीष शुक्ला के घर के अंदर घुस आए और जानलेवा हमला कर दिया, आरोपी रब्बी उर्फ रवि केवट ने शिवा यादव की जान लेने की नियत से उसकी गर्दन पर तलवार से जोरदार वार किया। समय रहते शिवा थोड़ा झुक गया, जिससे तलवार उसकी गर्दन पर न लगकर उसके कान और गाल को काटते हुए निकल गई।
इसी बीच आरोपी आशीष दाहिया ने चाकू से शिवा यादव पर हमला किया, जिससे उसके दाहिने हाथ की उंगली कट गई। आरोपी मुकेश भलावी ने जित्तू यादव के सिर पर तलवार से वार किया। वार लगते ही जित्तू घूमकर जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद मुकेश ने उसी तलवार से जमीन पर गिरे शिवा यादव के दाहिने पैर पर भी वार कर उसे चोट पहुंचाई।
इसी दौरान आरोपियों के दो अन्य साथी आकाश केवट और राज पटेल भी वहां पहुंच गए और उन्होंने जमीन पर गिरे जित्तू को लात-घूंसों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
चीख-पुकार और विवाद की आवाज सुनकर जब आशीष शुक्ला का भाई शुभम शुक्ला घर से बाहर दौड़कर आया, तो उसे देखकर सभी पांचों आरोपी "आज तो बच गए, दोबारा दिखे तो जान से मार देंगे" की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
वारदात के तुरंत बाद शिवा यादव की अत्यधिक ब्लीडिंग और गंभीर हालत को देखते हुए दोस्त जित्तू यादव उसे इलाज के लिए तत्काल मेडिकल कॉलेज लेकर रवाना हुआ।
मदनमहल थाना पुलिस ने पीड़ित आशीष शुक्ला की रिपोर्ट पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी रवि केवट, आशीष दाहिया, मुकेश भलावी, आकाश केवट और राज पटेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(ए) , 333, 109(1), 118(1) , 115(2), 351(2) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
