दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। गैरिसन ग्राउंड सदर में 21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम की अंतिम तैयारियों के दौरान शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्य मंच का निर्माण कार्य चल रहा था, तभी अचानक आई तेज आंधी ने लोहे के शेड और 'योगमय मध्य प्रदेश' बोर्ड को उखाड़ दिया। भारी-भरकम ढांचा वहां काम कर रहे मजदूरों और कार्यकर्ताओं पर जा गिरा, जिससे दो मजदूर और एक कार्यकर्ता मलबे में दब गए।
जानकारी के अनुसार, गैरिसन ग्राउंड में योग दिवस के राज्य स्तरीय आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में थीं। मुख्य मंच को अंतिम रूप देने के लिए मजदूर ऊपरी हिस्से में टिन और लोहे की पाइपों से बने शेड को मजबूत करने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाएं चलने लगीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि निर्माणाधीन शेड का संतुलन बिगड़ गया और वह भरभराकर नीचे गिर पड़ा। हादसे के समय शेड के नीचे दो मजदूर काम कर रहे थे, जो सीधे लोहे के ढांचे की चपेट में आ गए। एक कार्यकर्ता भी मलबे की चपेट में आ गया।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और राहत दल भी मौके पर पहुंच गए।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु रविवार को इसी गैरिसन ग्राउंड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होने वाली हैं। ऐसे में इस हादसे ने आयोजन की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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