दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। घमापुर थाना क्षेत्र के शीतलामाई इलाके में रहने वाली एक मां और उसकी बेटी क्षेत्र के कथित बदमाशों से इस कदर परेशान हो गईं कि उन्हें कलेक्टर के सामने घुटनों के बल बैठकर सुरक्षा और न्याय की गुहार लगानी पड़ी। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में पहुंचीं पूजा दुबे और उनकी बेटी ने कलेक्टर राघवेंद्र सिंह से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि पिछले चार वर्षों से वे क्षेत्र के रहने वाले हनी बेन और उसके परिवार की प्रताड़ना झेल रहे हैं। पूजा दुबे के अनुसार वर्ष 2022 में उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हुई थी, लेकिन जमानत पर रिहा होने के बाद से वह और उसका परिवार लगातार उन्हें परेशान कर रहा है।
परिवार का कहना है कि समय-समय पर मारपीट, अभद्रता, छेड़छाड़ और धमकी जैसी घटनाएं होती रही हैं। हाल ही में 14 जून को क्रिकेट खेलते समय हुए विवाद के बाद आरोपी पक्ष ने उनके पति रामचरण दुबे पर लोहे की रॉड और बैट से हमला कर दिया। इस दौरान उनकी दिव्यांग बेटी के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। घायल रामचरण दुबे का उपचार जिला अस्पताल में कराया गया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आरोपियों के हौसले बढ़ते गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि शिकायतें वापस लेने के लिए उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
पूजा दुबे ने बताया कि उनकी बेटी एसपी की पाठशाला में पढ़ाई कर रही है और भविष्य में पुलिस विभाग में भर्ती होना चाहती है, लेकिन क्षेत्र का माहौल इतना भयपूर्ण हो गया है कि उसे घर से बाहर निकलने में भी डर लगता है। लगातार तनाव के कारण उसकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
मंगलवार को कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के समक्ष पहुंची मां-बेटी ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। इस दौरान बेटी कलेक्टर के सामने घुटनों के बल बैठ गई और सुरक्षा की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने घमापुर थाना प्रभारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए तथा परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि पिछले चार वर्षों से वे क्षेत्र के रहने वाले हनी बेन और उसके परिवार की प्रताड़ना झेल रहे हैं। पूजा दुबे के अनुसार वर्ष 2022 में उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हुई थी, लेकिन जमानत पर रिहा होने के बाद से वह और उसका परिवार लगातार उन्हें परेशान कर रहा है।
परिवार का कहना है कि समय-समय पर मारपीट, अभद्रता, छेड़छाड़ और धमकी जैसी घटनाएं होती रही हैं। हाल ही में 14 जून को क्रिकेट खेलते समय हुए विवाद के बाद आरोपी पक्ष ने उनके पति रामचरण दुबे पर लोहे की रॉड और बैट से हमला कर दिया। इस दौरान उनकी दिव्यांग बेटी के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। घायल रामचरण दुबे का उपचार जिला अस्पताल में कराया गया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आरोपियों के हौसले बढ़ते गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि शिकायतें वापस लेने के लिए उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
पूजा दुबे ने बताया कि उनकी बेटी एसपी की पाठशाला में पढ़ाई कर रही है और भविष्य में पुलिस विभाग में भर्ती होना चाहती है, लेकिन क्षेत्र का माहौल इतना भयपूर्ण हो गया है कि उसे घर से बाहर निकलने में भी डर लगता है। लगातार तनाव के कारण उसकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
मंगलवार को कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के समक्ष पहुंची मां-बेटी ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। इस दौरान बेटी कलेक्टर के सामने घुटनों के बल बैठ गई और सुरक्षा की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने घमापुर थाना प्रभारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए तथा परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।
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