दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। जिले के किसानों, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों और अन्य अत्यावश्यक सेवाओं के संचालन को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत पेट्रोल पंपों से प्लास्टिक के डिब्बों में डीजल देने पर पूर्व में लगाई गई रोक को आंशिक रूप से शिथिल कर दिया गया है। अब निर्धारित शर्तों के तहत पात्र व्यक्तियों और संस्थानों को एक दिन में अधिकतम 200 लीटर तक डीजल प्लास्टिक के डिब्बों में उपलब्ध कराया जा सकेगा।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जिले के किसानों को कृषि कार्यों के लिए डीजल की आवश्यकता होती है। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं, महत्वपूर्ण निर्माण एवं विकास परियोजनाओं तथा अन्य अत्यावश्यक सेवाओं के संचालन में भी डीजल की अहम भूमिका रहती है। इन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने राहत प्रदान करने का निर्णय लिया है।
आदेश के अनुसार जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालक किसानों, स्वास्थ्य सेवाओं, महत्वपूर्ण परियोजनाओं एवं अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े व्यक्ति या संस्थान को पहचान पत्र और आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद एक दिन में एक बार अधिकतम 200 लीटर तक डीजल प्लास्टिक के डिब्बों में दे सकेंगे। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत किसानों और विभिन्न संस्थानों को आवश्यक ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने पेट्रोल पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि डीजल विक्रय की प्रत्येक जानकारी निर्धारित प्रारूप में दर्ज करना अनिवार्य होगा। साथ ही प्रत्येक ग्राहक को डीजल खरीदने की विधिवत रसीद भी जारी करनी होगी। प्रशासन का उद्देश्य डीजल वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोकना है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि डीजल विक्रय से संबंधित सभी अभिलेखों का संधारण, रखरखाव और सत्यापन की पूरी जिम्मेदारी संबंधित पेट्रोल पंप संचालक की होगी। यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है या निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाता है, तो संबंधित संचालक के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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