दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) नई दिल्ली। देशभर में मानसून का असर अलग-अलग रूप में देखने को मिल रहा है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में रविवार को बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई, जिससे सड़क का हिस्सा बह गया और कई खेतों को नुकसान पहुंचा। वहीं उत्तराखंड के विकासनगर स्थित लखवाड़ हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड हुई, जिसमें कई वाहन और मशीनें मलबे में दब गईं। राज्य में लगातार बारिश के चलते दो राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 126 सड़कें बंद हैं।
दूसरी ओर उत्तर भारत और मध्य भारत के करीब 70 प्रतिशत हिस्से में मानसून की रफ्तार थम गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पाकिस्तान से आने वाली गर्म और सूखी पश्चिमी हवाओं ने वातावरण की नमी कम कर दी है, जिससे राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना कम बनी हुई है। बारिश में कमी के कारण कई इलाकों में तापमान भी बढ़ गया है।
मौसम विभाग का कहना है कि प्रशांत महासागर में तीन नए मौसमीय सिस्टम विकसित हो रहे हैं। यदि इनमें से कोई सिस्टम बंगाल की खाड़ी तक पहुंचकर कम दबाव का क्षेत्र बनाता है, तो मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है और उत्तर, मध्य तथा पश्चिम भारत में बारिश का दौर लौट सकता है।
इस बीच पूर्वोत्तर भारत, बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड में भारी बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, लैंडस्लाइड और जलभराव को लेकर अलर्ट जारी किया है तथा लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।
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