उत्तराखंड में कुदरत का कहर: सामान्य से 354% ज्यादा बरसे बदरा; हरिद्वार में मकान गिरने से 4 दबे, उत्तरकाशी में लैंडस्लाइड से 1000 यात्री फंसे, कल बंद रहेंगे स्कूल

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) देहरादून। उत्तराखंड में बीते 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान सामान्य से 354 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। इस अतिवृष्टि के कारण पहाड़ों पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) और मैदानों में जलभराव से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हरिद्वार में एक मकान ढहने से चार लोग मलबे में दब गए, जिन्हें बचा लिया गया है, वहीं उत्तरकाशी में मार्ग बंद होने से करीब एक हजार तीर्थयात्री फंस गए हैं। भारी बारिश के खतरे को देखते हुए देहरादून समेत 7 जिलों में कल स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।

मलबे में दबे लोग बचाए गए, हाईवे पर फंसी रोडवेज बस

हरिद्वार के काली कमली (विष्णु घाट रेलवे स्टेशन के पास) क्षेत्र में भारी बारिश के चलते एक मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मकान के मलबे में चार लोग दब गए, जिन्हें सूचना मिलते ही पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

वहीं, हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे पर गैंडीखाता के पास एक पुलिया धंस गई, जिसकी चपेट में आकर एक रोडवेज बस फंस गई। चालक की सूझबूझ से बस को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन उसके टायर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। वर्तमान में इस मार्ग के आधे हिस्से से ही किसी तरह यातायात का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा हरिद्वार के भगत सिंह चौक और रेलवे ब्रिज के नीचे भारी जलभराव से राहगीर परेशान नजर आए।

यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे बंद, 1000 से अधिक यात्री फंसे

पहाड़ी जिलों में लगातार हो रही लैंडस्लाइड के कारण इस समय प्रदेश की करीब 71 प्रमुख सड़कें बंद हैं। उत्तरकाशी में स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री नेशनल हाईवे और नालूपानी के पास गंगोत्री नेशनल हाईवे पर टनों मलबा आने से मार्ग पूरी तरह ठप हो गया है। यमुनोत्री मार्ग बंद होने की वजह से करीब 1000 श्रद्धालु बीच रास्ते में फंस गए हैं। जिला मजिस्ट्रेट (DM) प्रशांत आर्य ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे फिलहाल सुरक्षित स्थानों पर ही रुके रहें।

उधर, पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग मालपा और लामारी के पास भारी चट्टानें गिरने से बंद हो गया है, जिससे वहां तैनात आईटीबीपी (ITBP) और एसएसबी (SSB) के जवानों के सामने आवाजाही का संकट खड़ा हो गया है। पौड़ी के गुमखाल-सतपुली हाईवे पर भी लगातार मलबा गिर रहा है।

टिहरी में ढहा मकान, ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर बढ़ा

टिहरी में नेशनल हाईवे-707A पर कद्दूखाल में दुकानों के पास हुए भारी भूस्खलन के कारण एक पुरानी बिल्डिंग ढह गई। हालांकि, प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सड़क किनारे बने खोखे, रेस्टोरेंट और मजदूरों के शेल्टर को पहले ही खाली करा लिया था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। ऋषिकेश में लगातार बारिश से गंगा नदी उफान पर है, जिससे प्रसिद्ध त्रिवेणी घाट का आरती स्थल पूरी तरह पानी में डूब गया है। इसके अलावा रुड़की और विश्व प्रसिद्ध पिरान कलियर दरगाह परिसर में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, देहरादून समेत 7 जिलों में कल स्कूलों की छुट्टी

मौसम विभाग ने प्रदेश के 5 जिलों— देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जबकि अन्य जिलों के लिए 'यलो अलर्ट' जारी किया गया है।

आगामी खतरे को देखते हुए देहरादून के डीएम डॉ. आशीष चौहान सहित हरिद्वार, पिथौरागढ़, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, चंपावत और अल्मोड़ा के जिलाधिकारियों ने 10 जुलाई 2026 को कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी व निजी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया है।

अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

    10 जुलाई: राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बौछारें पड़ने की संभावना है।

    11 जुलाई: कुमाऊं मंडल के जिलों में अधिकांश स्थानों पर भारी बारिश की आशंका है, जबकि गढ़वाल मंडल के जिलों में अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

    12 जुलाई: पूरे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा।

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