दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। शहर के गोरखपुर थाने की पुलिस पर एक युवक के साथ थाने के अंदर कथित रूप से बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। रामपुर निवासी सतीश सोनकर (40) का दावा है कि आबकारी अधिनियम के एक जमानती मामले में खुद थाने पहुंचने के बाद उसे थाने के अंदर बंद कर करीब 70 डंडे मारे गए, जिससे उसके दोनों पैरों में गंभीर सूजन आ गई और अब उसे चलने-फिरने में दिक्कत हो रही है। वहीं, पुलिस ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि युवक के साथ किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई।
पीड़ित का आरोप- पैसे नहीं दिए तो पीटा
सतीश सोनकर का आरोप है कि थाने में पदस्थ आरक्षक रोहित द्विवेदी और अनूप उससे पैसों की मांग कर रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर दोनों ने उसके साथ डंडों से मारपीट की। पीड़ित का दावा है कि मारपीट के कारण उसके पैर में फ्रैक्चर तक हो गया है।
20 हजार रुपए लेने का भी आरोप
पीड़ित के परिजनों ने आरोप लगाया कि मारपीट के बाद पुलिस ने सतीश के खिलाफ अवैध शराब का मामला दर्ज किया और 20 हजार रुपए भी ले लिए। परिजनों का कहना है कि उसके पैरों पर गंभीर चोट के निशान हैं, जो पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हैं।
ये है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर गोरखपुर थाना पुलिस रामपुर स्थित महर्षि स्कूल के पास पहुंची थी, जहां से मोनू नामक युवक को हिरासत में लिया गया। इसी दौरान किसी काम से थाने पहुंचे सतीश सोनकर को पुलिस ने बातचीत के बहाने अंदर बुलाया। सतीश का आरोप है कि इसके बाद उसे थाने में बंद कर बेरहमी से पीटा गया।
TI बोले- मारपीट नहीं हुई, आरोपी चल-फिर सकता है
गोरखपुर थाना प्रभारी नितिन कमल ने मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि सतीश सोनकर और उसके साथी को अवैध शराब के साथ पकड़ा गया था। युवक का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है और वह चल-फिर सकता है। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि सतीश जिलाबदर का आरोपी है तथा पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।


