राम मंदिर को मिलेगा नया CEO, रिटायर्ड IAS की होगी 3 साल के लिए नियुक्ति; नृपेंद्र मिश्रा बोले- चढ़ावा चोरी कलंक, व्यवस्था सुधरेगी

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। अब मंदिर के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया जाएगा। चयन समिति के अनुसार, यह पद किसी रिटायर्ड IAS या समकक्ष अधिकारी को दिया जाएगा, जिसने कम से कम 20 वर्ष सरकारी सेवा की हो और मंदिर संचालन का अनुभव भी रखता हो। यह नियुक्ति तीन वर्ष के लिए होगी, जिसे ट्रस्ट आवश्यकता अनुसार आगे बढ़ा भी सकेगा। CEO को अयोध्या में रहकर ही जिम्मेदारी निभानी होगी।

इधर, राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने चढ़ावा चोरी की घटना को "कलंक" बताते हुए कहा कि इस घटना से सभी लोग खुद को छोटा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है, जिसकी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि व्यवस्थाओं में सुधार होगा और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी।

वहीं, चढ़ावा चोरी मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने ट्रस्ट और सरकार पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। दूसरी ओर भाजपा नेताओं ने कहा कि SIT जांच कर रही है और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसी बीच गोरखपुर और रायबरेली में इस मुद्दे को लेकर पोस्टर वार भी शुरू हो गया है। सपा नेताओं ने चढ़ावे की चोरी को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए पोस्टर लगाए, जबकि विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने पलटवार करते हुए भगवान राम की आस्था को राजनीति का विषय न बनाने की अपील की है।

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