दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुवार को मुंबई में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइटेड नेशंस (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ पर Gen-Z और Gen-Alpha के करीब 2,000 छात्रों से संवाद किया। करीब एक घंटे चले इस कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं की सोच, शिक्षा, रोजगार, आंदोलन, महिलाओं की भागीदारी, आरक्षण, सोशल मीडिया और पड़ोसी देशों से संबंध जैसे कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।
भागवत ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी उनकी पीढ़ी से अधिक ईमानदार और देशभक्त है। उन्होंने कहा कि अगर युवाओं की बात समय रहते सुनी जाती, तो कई आंदोलन टाले जा सकते थे। उनके मुताबिक, आंदोलन तब होते हैं जब संवाद के रास्ते बंद हो जाते हैं और लोकतंत्र में प्रदर्शन भी संवाद का एक माध्यम है।
उन्होंने कहा कि Gen-Z सवाल पूछती है और हर बात का तार्किक जवाब चाहती है। ऐसे में युवाओं की आवाज को देशविरोधी बताना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि युवा आंदोलन कर रहे हैं तो उसके पीछे कोई वास्तविक समस्या होती है और आंदोलन का उद्देश्य व्यवस्था में सुधार होना चाहिए, न कि किसी व्यक्ति या संस्था का विरोध।
शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए भागवत ने कहा कि शिक्षा को व्यावसायिक कारोबार नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षा बजट बढ़ाने का समर्थन किया और कहा कि शिक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।
रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि रोजगार का मतलब केवल सरकारी नौकरी नहीं है। किसी भी काम को छोटा या बड़ा नहीं समझना चाहिए और मेहनत के बिना सफलता संभव नहीं है।
आरक्षण पर उन्होंने कहा कि इस विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उनका मानना है कि सामाजिक भेदभाव खत्म करने के उद्देश्य से शुरू हुई व्यवस्था पर गंभीरता से विचार होना चाहिए और समाज में एकता बनाए रखना जरूरी है।
LGBTQ समुदाय पर उन्होंने कहा कि वे समाज का हिस्सा हैं, लेकिन समलैंगिक विवाह का मुद्दा अलग है। उनके अनुसार विवाह परिवार और अगली पीढ़ी की संस्था है, इसलिए किसी नए सामाजिक बदलाव से पहले समाज को उसके लिए तैयार करना जरूरी है।
भारत के पड़ोसी देशों चीन और पाकिस्तान के साथ संबंधों पर उन्होंने कहा कि संघर्ष के समय सरकार का साथ देना चाहिए, लेकिन युद्ध समाप्त होने के बाद बातचीत का रास्ता तलाशना भी आवश्यक है क्योंकि स्थायी समाधान संवाद से ही निकलता है।
महिलाओं की भागीदारी पर भागवत ने कहा कि उन्हें समान अधिकार और नेतृत्व के अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि संघ के विभिन्न कार्यों में महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रभाव पर उन्होंने युवाओं को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि फर्जी सामग्री के दौर में किसी भी जानकारी का सत्यापन करना बेहद जरूरी है और सोशल मीडिया पर प्रभाव रखने वालों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।
कार्यक्रम के अंत में भागवत ने छात्रों के साथ Gen-Z शैली में "फिंगर क्लैप" कर कार्यक्रम का समापन किया और कहा कि उन्होंने यह तरीका आज युवाओं से सीखा है।
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