दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में छात्र फीस, ओपीडी व आईपीडी से प्राप्त शासकीय राशि में 1,63,78,456 रुपये (एक करोड़ तिरेसठ लाख अठहत्तर हजार चार सौ छप्पन रुपये) के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। डीन डॉ. नवनीत सक्सेना की लिखित शिकायत पर थाना गढ़ा पुलिस ने कैश शाखा में पदस्थ रहे पांच कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक षड़यंत्र, धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मामला दर्ज कर लिया है।
अस्पताल के प्रशासकीय अधिकारी द्वारा खातों की विस्तृत जांच के दौरान वित्तीय अनियमितता सामने आई थी। इसके बाद गठित आंतरिक जांच समिति ने जब मनी रसीद बुक (MRB) के जरिए प्राप्त नगद राशि और बैंक खातों (मरीज खाता व फीस खाता) में जमा रकम का मिलान किया, तो भारी अंतर पाया गया।
जांच में खुलासा हुआ कि अप्रैल 2020 से नवंबर 2025 के मध्य कैश काउंटर पर जमा हुई करोड़ों की राशि में से 1.63 करोड़ रुपये से अधिक की रकम शासकीय खातों में जमा ही नहीं की गई और कर्मचारियों ने आपस में साठगांठ कर इसका गबन कर लिया।
पुलिस ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की रिपोर्ट पर तत्कालीन व वर्तमान कैश कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिसमे मनोहर केवट (तत्कालीन कैशियर), श्रीमति साधना चंद्रौल (कैशियर), भानू सिंह शाक्यवार (सहायक ग्रेड-3), अरविन्द धुर्वे (कैशियर सह प्रभारी) और विशाल सराठे (सहायक ग्रेड-3) शामिल है।
गढ़ा पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(5) और 61(2) के तहत मामला पंजीकृत कर विवेचना शुरू कर दी है।
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