दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) भोपाल। मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने शासन की ओर से मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है। राजस्व विभाग ने पटवारियों की प्रमुख मांगों पर कार्रवाई शुरू करते हुए वर्ष 2026 में विभागीय नायब तहसीलदार परीक्षा कराने, लंबित भुगतानों का जल्द निराकरण करने और शिकायतों पर सीधे कार्रवाई के बजाय पहले प्रारंभिक जांच करने के निर्देश जारी किए हैं।
पटवारी संघ के अनुसार राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव के साथ हुई कई दौर की चर्चाओं के बाद शासन ने मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया। इसके बाद संघ की राज्य स्तरीय बैठक में आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
पटवारियों की पदोन्नति से जुड़ी मांग को लेकर शासन ने वर्ष 2026 में विभागीय नायब तहसीलदार परीक्षा कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने परीक्षा को लेकर प्रक्रिया निर्धारित कर दी है।
इसके साथ ही पटवारियों के स्थानांतरण से संबंधित लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने का आश्वासन भी दिया गया है। संघ की अन्य मांगों पर भी शासन ने निर्धारित समय-सीमा में निर्णय लेने की बात कही है।
पटवारियों के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों को लेकर राजस्व विभाग ने प्रक्रिया स्पष्ट की है। अब शिकायत प्राप्त होने के बाद पहले प्रारंभिक जांच की जाएगी। जांच में शिकायत के तथ्य सही पाए जाने पर ही आगे की कानूनी या विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि तथ्यों की पुष्टि किए बिना सीधे कार्रवाई न की जाए। इससे पटवारियों का पक्ष भी जांच प्रक्रिया में सामने आ सकेगा और शिकायतों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख सचिव राजस्व डॉ. ई. रमेश कुमार ने सभी जिला कलेक्टरों को पटवारियों सहित राजस्व विभाग के मैदानी कर्मचारियों के लंबित भुगतानों का जल्द निराकरण कराने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टरों से कहा गया है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के साथ समन्वय कर विभिन्न योजनाओं के तहत किए गए कार्यों का लंबित भुगतान कराया जाए। कई जिलों में योजनाओं से संबंधित कार्यों का भुगतान समय पर नहीं होने के कारण कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
शासन के निर्देशों में स्वामित्व योजना के तहत किए गए विभिन्न कार्यों का लंबित भुगतान भी शामिल है। इसमें आबादी भूमि सर्वे, अधिकार अभिलेख तैयार करना, प्रारंभिक और अंतिम प्रकाशन, दावा-आपत्ति प्रक्रिया, प्रिंटिंग और स्टेशनरी से जुड़े कार्यों का भुगतान शामिल है।
इसके अलावा 11वीं कृषि संगणना (2020-21) और छठी लघु सिंचाई गणना (2017-18) के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय का भुगतान भी संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार कराने को कहा गया है।
पटवारी संघ ने शासन के स्तर पर मांगों के निराकरण की प्रक्रिया शुरू होने और लिखित निर्देश जारी होने के बाद आंदोलन स्थगित करने का फैसला लिया है। संघ का कहना है कि अब शासन की ओर से तय समय-सीमा में मांगों पर कार्रवाई होने की उम्मीद है।
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