MP News: भोपाल में SIR के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, बैरिकेड पर चढ़े कार्यकर्ता; पुलिस ने चलाया वाटर कैनन

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) भोपाल। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में सोमवार को मध्यप्रदेश कांग्रेस ने भोपाल में बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। बैरिकेड्स पर चढ़ने की कोशिश कर रहे कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछार की। 

प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और विधायक शामिल हुए। कांग्रेस ने SIR के तहत मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। 

ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहनकर किया प्रतीकात्मक प्रदर्शन

प्रदर्शन के दौरान एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहन रखा था। उसे जंजीरों में बांधकर प्रतीकात्मक विरोध किया गया। जीतू पटवारी और उमंग सिंघार उस जंजीर को पकड़े नजर आए। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए।

पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोकने के बाद कई कार्यकर्ताओं को बसों में बैठाकर मौके से ले जाया गया। इस दौरान भी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही। 

पूर्व विधायक के जूते भीड़ में छूटे

प्रदर्शन के दौरान सागर जिले के बांदा से पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी के जूते भीड़ में छूट गए। इसके बाद वे कुछ समय तक नंगे पैर चलते नजर आए। वहीं युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार ने पुलिस द्वारा रोकी गई बस की खिड़की के शीशे के ऊपर से बस की छत पर चढ़ने की कोशिश की।

SIR को लेकर कांग्रेस के आरोप

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। पार्टी ने हटाए गए नामों का विधानसभा और जिला स्तर पर विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। 

कांग्रेस नेताओं ने EVM के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी दोहराई। वहीं प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने चुनाव आयोग की भूमिका और SIR की प्रक्रिया को लेकर कई राजनीतिक आरोप लगाए। इन आरोपों को कांग्रेस के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

Post a Comment

Previous Post Next Post