दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के 100वें स्थापना दिवस समारोह में पहुंचे। पीएम मोदी ने मेट्रो से सफर कर कॉलेज पहुंचकर करीब 48 मिनट तक जेन-Z छात्रों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं के सपनों, आत्मनिर्भर भारत, स्टार्टअप, इनोवेशन और विकसित भारत के लक्ष्य पर बात की।
पीएम मोदी ने SRCC के पूर्व छात्रों को जेन-Z की भाषा में ‘OG’ यानी पुराने और अनुभवी खिलाड़ी बताया। उन्होंने कहा कि इस कॉलेज ने देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने पूर्व छात्र और भाजपा नेता दिवंगत अरुण जेटली का भी उल्लेख किया।
2013 के भाषण को किया याद
पीएम मोदी ने 2013 में SRCC में दिए अपने भाषण को याद करते हुए कहा कि उस समय देश के सामने कई चुनौतियां थीं। उन्होंने ‘आधे भरे गिलास’ का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ लोगों को हर स्थिति में गिलास आधा खाली दिखाई देता है, जबकि सकारात्मक सोच रखने वाले लोग उसी परिस्थिति में उम्मीद देखते हैं।
उन्होंने कहा कि 13-14 साल बाद भी उस भाषण की चर्चा हो रही है और नई पीढ़ी उसे दोबारा देख रही है।
‘नाराज फूफा’ कहकर विरोधियों पर निशाना
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में सरकार के फैसलों की आलोचना करने वालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में कुछ लोग हर चीज में ‘नाराज फूफा’ बन जाते हैं और उनका एक ही सवाल होता है- ‘इसकी क्या जरूरत है?’
मोदी ने कहा कि ऐसे लोगों ने बुलेट ट्रेन, UPI, चिप निर्माण, नई संसद और दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा जैसे कई प्रोजेक्ट पर भी सवाल उठाए, लेकिन भारत ने आगे बढ़कर उन्हें जवाब दिया।
‘दिमागी नक्सल’ और होम्योपैथी की गोली का जिक्र
प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त के लाल किले से दिए अपने भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कुछ लोगों के लिए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया था। उन्होंने इसे ‘होम्योपैथी की गोली’ बताते हुए कहा कि इसके बाद ऐसे लोगों की प्रतिक्रिया सामने आने लगी और जनता उनका असली रंग देख रही है।
युवाओं के बड़े सपनों का किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत का युवा स्टार्टअप शुरू करने, यूनिकॉर्न बनाने और स्पेस सेक्टर में काम करने के सपने देख रहा है। उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले आज युवाओं के सामने अवसरों का दायरा काफी बढ़ा है।
उन्होंने युवाओं से सवाल किया कि अगर भारतीय दुनिया की बड़ी कंपनियों का नेतृत्व कर सकते हैं, तो दुनिया की बड़ी कंपनियां भारतीय क्यों नहीं हो सकतीं।
‘फ्रेजाइल फाइव’ से दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं तक
मोदी ने 2013 की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय दुनिया भारत को ‘फ्रेजाइल फाइव’ देशों में गिनती थी। उन्होंने दावा किया कि आज भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और देश आर्थिक विकास के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है।
उन्होंने जनधन योजना, फिनटेक, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस प्रोडक्शन में बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया।
युवाओं को दिलाया आत्मनिर्भर भारत का संकल्प
संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने युवाओं से बड़े लक्ष्य तय करने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा— “नाव हमारी हो, नाविक भी हमारा हो। लहरों पर विजय लिखे, वो हौसला हमारा हो। उड़ान हमारी हो, हवाओं से टकराए वो जज्बा हमारा हो। सपना हमारा हो, संकल्प हमारा हो। आत्मनिर्भर भारत का संकल्प हमारा हो। विकसित भारत की राह में उठता हर कदम हमारा हो।”
1926 में हुई थी SRCC की स्थापना
श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स की स्थापना 1926 में उद्योगपति और समाजसेवी सर श्री राम ने की थी। एक सदी के दौरान कॉलेज ने कॉमर्स, इकोनॉमिक्स और मैनेजमेंट के क्षेत्र में देश को बड़ी संख्या में विद्वान, उद्यमी, प्रशासक और नीति-निर्माता दिए हैं। पीएम मोदी ने समारोह के दौरान 100 रुपये का स्मारक सिक्का भी जारी किया।
