MP News: अफसरों की फटकार के बाद निलंबित TI ने हटाया विवादित वीडियो

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) भोपाल। जहांगीराबाद थाने के निलंबित थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार ने सोशल मीडिया अकाउंट से अपना विवादित वीडियो हटा दिया है। यह वीडियो इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पोस्ट किया गया था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में इसकी चर्चा शुरू हो गई थी। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ अधिकारियों की फटकार के बाद टीआई ने वीडियो को दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से डिलीट कर दिया।

वीडियो में राजन सिंह अहिरवार ने एक महिला पुलिस अधिकारी पर प्रताड़ित करने सहित कई आरोप लगाए थे। उन्होंने अपने निलंबन को लेकर भी सफाई दी थी। उनका कहना था कि उन्हें किसी गलत काम के लिए निलंबित नहीं किया गया है और न ही उनके खिलाफ किसी आपराधिक मामले में कार्रवाई हुई है।

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भी हो सकती है कार्रवाई

वीडियो हटाए जाने के बाद अब पुलिस विभाग इस पहलू की भी जांच कर सकता है कि निलंबन अवधि के दौरान सोशल मीडिया पर इस तरह सार्वजनिक बयान देना विभागीय आचरण नियमों का उल्लंघन है या नहीं। हालांकि, इस संबंध में पुलिस अधिकारियों की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

गणेश विसर्जन के दौरान रास्ते को लेकर हुआ था विवाद

पूरा मामला 22 सितंबर का है। गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान रास्ता बंद होने को लेकर अधिवक्ता राकेश रावल का पुलिसकर्मियों से विवाद हुआ था। इसके बाद वे जहांगीराबाद थाने पहुंचे। राकेश रावल ने आरोप लगाया था कि थाने में उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। उनका कहना था कि उन्हें कीचड़ में पटककर डंडों से पीटा गया।

घटना के विरोध में बड़ी संख्या में वकील देर रात जहांगीराबाद थाने पहुंचे और करीब रात 3 बजे तक प्रदर्शन किया। मामला बढ़ने के बाद पुलिस प्रशासन ने TI राजन सिंह अहिरवार, आरक्षक यश लखेरा और आरक्षक रामस्वरूप को पुलिस लाइन भेज दिया था।

दूसरी ओर, आरक्षक हरि ओम वर्मा की शिकायत पर अधिवक्ता राकेश रावल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार, 22 सितंबर की शाम करीब 8 बजे आरक्षक की ड्यूटी खटलापुरा विसर्जन घाट पर यातायात व्यवस्था के लिए पीएचक्यू गेट नंबर-1 के पास लगी थी।

इसी दौरान लाल रंग की कार क्रमांक MP04ZL3133 खटलापुरा रोड की ओर जा रही थी। आरक्षक ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने कार सड़क के बीच खड़ी कर दी, जिससे यातायात बाधित होने लगा।

पुलिसकर्मी से मारपीट और धमकी का आरोप

आरक्षक का आरोप है कि समझाने पर कार सवार व्यक्ति पुलिसकर्मियों से विवाद करने लगा और गाली-गलौज की। उसने खुद को भोपाल कोर्ट का वकील बताते हुए अपना नाम राकेश रावल बताया। शिकायत में आरक्षक ने उसके साथ झगड़ा और मारपीट करने तथा जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।

आरक्षक के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि "2 मिनट में तेरी वर्दी उतरवा दूंगा।" साथ ही दूसरे रूट पर भेजे जाने को लेकर भी पुलिसकर्मी से विवाद किया। घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद मामले में कार्रवाई की गई।

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