MP News: VJP के 15 वादे जारी, पढ़े-लिखे लोगों को टिकट, भाई-भतीजावाद खत्म करने का दावा; 30 सितंबर से सदस्यता अभियान

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) भोपाल। मध्यप्रदेश के सरकारी कॉलेजों में नियमितीकरण और नौकरी में स्थायित्व की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अतिथि विद्वानों ने अपने राजनीतिक संगठन ‘विद्वान जनता पार्टी’ (VJP) का 15 सूत्रीय एजेंडा जारी किया है। पार्टी के पोस्टर में अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण, रोजगार, शिक्षा, महंगाई, भ्रष्टाचार और शासन में आम जनता की भागीदारी सहित कई मुद्दों को शामिल किया गया है। पार्टी ने अपना चुनाव चिह्न ‘सफेद कमल का फूल’ बताया है।

VJP की ओर से 15 सितंबर को पार्टी गठन की सांकेतिक घोषणा की गई थी। अब 30 सितंबर से सदस्यता अभियान शुरू करने की तैयारी है। पोस्टर में पार्टी के संस्थापक के तौर पर डॉ. आरके सिंह का नाम दिया गया है।

अतिथि विद्वानों का नियमितीकरण एजेंडे में सबसे ऊपर

VJP के एजेंडे में सबसे प्रमुख मुद्दा अतिथि विद्वानों के स्थायित्व और नियमितीकरण का है। इसमें वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 के अतिथि शिक्षकों के स्थायित्व एवं नियमितीकरण की मांग भी शामिल है।

पार्टी ने संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के साथ स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्सिंग और ठेका व्यवस्था में काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने की बात कही है। अन्य विभागों के आउटसोर्स और ठेका कर्मचारियों के स्थायित्व तथा भविष्य की सुरक्षा को भी एजेंडे में शामिल किया गया है।

पार्टी के 15 सूत्रीय एजेंडे में अशिक्षा और बेरोजगारी खत्म करने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने, महंगाई और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की बात कही गई है। इसके अलावा अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और कमजोर एवं वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा करने का भी उल्लेख है।

VJP ने शासन-प्रशासन और सरकारी नौकरियों में भाई-भतीजावाद खत्म करने तथा शिक्षित युवाओं और आम शिक्षित लोगों की राजनीति में भागीदारी बढ़ाने की बात कही है।

3 अक्टूबर तक सरकार के फैसले का इंतजार

VJP का एजेंडा ऐसे समय जारी हुआ है, जब अतिथि विद्वानों का आंदोलन 3 अक्टूबर तक स्थगित है। उनकी प्रमुख मांग स्थायित्व की नीति बनने तक ‘फॉलन आउट’ प्रक्रिया रोकने की है। फॉलन आउट की स्थिति में नियमित प्राध्यापक की नियुक्ति या तबादले के बाद पहले से कार्यरत अतिथि विद्वान की सेवा समाप्त हो सकती है।

अतिथि विद्वानों ने कहा है कि 3 अक्टूबर तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो 4 अक्टूबर से आंदोलन का अगला चरण शुरू किया जाएगा। इसी बीच VJP ने 30 सितंबर से सदस्यता अभियान शुरू करने की तैयारी की है।

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