Jabalpur News: हाईकोर्ट बार अध्यक्ष का वॉट्सएप अकाउंट दो बार ब्लॉक, हाईकोर्ट में याचिका, सीनियर एडवोकेट मृगेंद्र सिंह ने WhatsApp LLC की कार्रवाई को दी चुनौती

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सीनियर एडवोकेट मृगेंद्र सिंह के वॉट्सएप अकाउंट को दो बार ब्लॉक किए जाने का मामला अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गया है। मृगेंद्र सिंह ने WhatsApp LLC की कार्रवाई को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है। याचिका पर 7 अक्टूबर को सुनवाई प्रस्तावित है।

बिना कारण बताए अकाउंट ब्लॉक करने का आरोप

याचिका के मुताबिक, मृगेंद्र सिंह लंबे समय से अपने प्राथमिक वॉट्सएप नंबर का इस्तेमाल पेशेवर और कानूनी कामकाज के लिए कर रहे थे। आरोप है कि कंपनी ने बिना पूर्व सूचना और प्रतिबंध का स्पष्ट कारण बताए उनका अकाउंट ब्लॉक कर दिया। उन्हें न तो शो-कॉज नोटिस दिया गया और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर मिला।

अकाउंट बंद होने से पेशेवर संवाद प्रभावित होने के बाद उन्होंने नया सिम लेकर दूसरे नंबर से वॉट्सएप अकाउंट बनाया।

4 अक्टूबर को दूसरा अकाउंट भी प्रतिबंधित

याचिका में कहा गया है कि 4 अक्टूबर 2026 को नए नंबर से बनाए गए दूसरे वॉट्सएप अकाउंट को भी ब्लॉक कर दिया गया। इसके बाद अधिवक्ता घूंचा रसूल के माध्यम से कंपनी के गुरुग्राम स्थित ग्रीवांस ऑफिसर को कानूनी नोटिस भेजा गया।

नोटिस में 48 घंटे के भीतर दोनों अकाउंट बहाल करने और उन्हें ब्लॉक करने से संबंधित तकनीकी ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि नोटिस के बावजूद कंपनी की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई और न ही संतोषजनक जवाब मिला।

प्राकृतिक न्याय और आईटी नियमों का हवाला

याचिका में अकाउंट ब्लॉक करने की प्रक्रिया को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत बताया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि बिना स्पष्ट कारण बताए और अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना अकाउंट प्रतिबंधित करना उचित नहीं है।

इसके साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत उपलब्ध शिकायत निवारण व्यवस्था और निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।

वकालत के कामकाज पर असर का दावा

याचिका में कहा गया है कि वॉट्सएप वकीलों के पेशेवर संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। इसके जरिए मुकदमों से संबंधित सूचनाएं, दस्तावेज और मुवक्किलों के साथ जरूरी बातचीत की जाती है। ऐसे में अकाउंट अचानक बंद होने से कानूनी कामकाज प्रभावित होने का दावा किया गया है।

मृगेंद्र सिंह ने इस मामले में संविधान के अनुच्छेद 21 और त्वरित न्याय से जुड़े अधिकारों का भी हवाला दिया है। उन्होंने कहा है कि बिना ठोस कारण बताए लगातार अकाउंट ब्लॉक किए जाने से उनकी पेशेवर और सामाजिक प्रतिष्ठा पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

Post a Comment

Previous Post Next Post